भारत विभिन्न संस्कृतियों और विविधता का देश है। भारत के विविध भागों में प्रचलित लोक-कथाओं, किंवदंतियों तथा मिथकों तथा स्थानीय गीत और नृत्य परम्पराओं के मेल से मिश्रित कला की समृद्ध परंपरा तैयार हुई हैं।
लोक नृत्य विधाएं, सामान्यतः स्वत: प्रवर्तित, अनगढ़ होती हैं तथा उन्हें किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बिना ही लोगों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
इसकी सरलता के कारण इस कला विधा को एक अन्तस्थ सौन्दर्य की प्राप्ति होती है।
लोक नृत्य क्या है? (What is Folk Dance?)“वह नृत्य जो आम लोगों द्वारा विकसित किया जाता है, जो एक निश्चित देश या क्षेत्र के लोगों के जीवन और संस्कृति को प्रस्तुत करता है, उसे लोक नृत्य कहा जाता है।”
भारत में लोक नृत्य का इतिहास?लोक नृत्य 19 वीं शताब्दी से पहले विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों मे उत्पन्न हुये और फिर इनका विकास मानव जीवन के साथ-साथ हुआ। ये कला विधाएं लोगों के एक विशेष वर्ग या किसी विशेष स्थान तक सीमित रह गयी हैं जिन्हें इसका ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित होता रहा।
भारत के राज्यों के लोक नृत्यभारत के प्रत्येक राज्य का अपना अलग-अलग लोक नृत्य है और एक राज्य मे इनकी संख्या एक या एक से अधिक हो सकती है।
भारत के कुछ प्रसिद्ध लोक नृत्य निम्नलिखित हैं: 1. छऊ 2. गरबा 3. डांडिया रास4. तरंग मेल5. घूमर या गंगोर6. कालबेलिया7. चारबा8. भांगड़ा / गिद्दा9. रासलीला 10. दादरा11. जावरा12. मटकी13. गौर मारिया14. अलकाप 15. बिरहा 16. पैका17. जाट-जटिन
भारत के कुछ प्रसिद्ध लोक नृत्य निम्नलिखित हैं: 18. झूमर19. डंडा-जात्रा20. बिहू21. थांग टा22. रांगमा / बांस नृत्य23. सिंघी छाम24. कुम्मी26. मईल अट्टम27. बुर्राकथा28. बुट्टा बोम्मालू29. कैकोट्टिकली नृत्य30. पदयानी31. कोल्काली - परिचकाली32. भूत आराधने33. पटा कुनीथा