www.likhti.com | 02 Dec, 2023
न जाने कभी कभी एक दिन का इंतजार, क्यों सालों जैसा लगता है ?
मिलने का मज़ा अक्सर... इंतज़ार के बाद ही आता है !
हालात कह रहे है कि अब मुलाक़ात नहीं होगी, उम्मीद कह रही है कि जरा इंतज़ार कर ले !
दुनियाँ में दो तरह के आशिक होते हैं, एक हासिल करने वाले और दूसरे इंतज़ार करने वाले !
उसके ना की उम्मीद तो नहीं, फिर भी उसका इंतज़ार किये जा रहे हैं !
उल्फ़त के मारों से ना पूछो आलम इंतज़ार का, पतझड़ सी है ज़िन्दगी और ख्याल है बहार का !
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है, खामोशियों की अब आदत हो गयी है !
फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह, देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया !
एक मुलाकात की आस में मैं ज़िंदगी गुजार लूंगा, तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा !
आंखों का इंतज़ार तुम पर आकर ही तो खत्म होता है, फिर चाहे वो हकीकत हो या ख्वाब !
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